Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर में आयोजित वामपंथी उग्रवाद (LWE) पर सुरक्षा समीक्षा बैठक को नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक प्रगति का सशक्त संकेत बताया है। मुख्यमंत्री साय ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को संबोधित करते हुए कहा कि आपकी अध्यक्षता में आयोजित यह बैठक देश और विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई को नई दिशा देने वाली साबित होगी।
मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा कि डबल इंजन सरकार की सटीक और सुरक्षा-केंद्रित रणनीति के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि मजबूत आधारभूत संरचना, नक्सलियों के वित्तीय नेटवर्क पर कड़ा प्रहार और प्रभावी आत्मसमर्पण नीति के चलते न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि नक्सल प्रभावित अन्य राज्यों में भी हालात तेजी से बदल रहे हैं। सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय, आधुनिक सुरक्षा संसाधनों का उपयोग और जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से नक्सल गतिविधियों पर निर्णायक नियंत्रण संभव हो सका है। सुरक्षा बलों की लगातार सफल कार्रवाइयों से नक्सलियों का मनोबल कमजोर हुआ है, वहीं बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री के सशक्त मार्गदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इन्हीं प्रयासों के बल पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 31 मार्च तक राज्य को नक्सलमुक्त बनाने का संकल्प लिया है और इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ तेज गति से आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, संचार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय जनता का विश्वास सरकार पर बढ़ा है। विकास और सुरक्षा के इस संयुक्त मॉडल से नक्सलवाद की जड़ें कमजोर हो रही हैं। मुख्यमंत्री साय के बयान को नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान के लिए सरकार का मजबूत राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। यदि इसी तरह केंद्र और राज्य सरकार के बीच तालमेल बना रहा, तो छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य समय पर हासिल किया जा सकता है।

