Varanasi वाराणसी: नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई के दौरान एक बच्ची मकान के अंदर फंस गई, जिसके बाद पुलिस और नगर निगम की टीम को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा। यह विवादित मामला रिंकू गुप्ता के मकान से जुड़ा है, जहां हाउस और वाटर टैक्स का बकाया लगभग 90,800 रुपए था। नगर निगम द्वारा मकान के तीन वारिसों को 17 नवंबर 2025 को नोटिस दिया गया था। इसके बाद टैक्स इंस्पेक्टर ने व्यक्तिगत संपर्क भी किया। 17 जनवरी 2026 को समाचार पत्र के माध्यम से भी कुर्की की जानकारी साझा की गई थी। 4 फरवरी को पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई करते हुए मकान को सील किया गया। इस दौरान दो वारिसों ने 30,300 रुपए जमा किए, जबकि तीसरे वारिस रिंकू गुप्ता ने टैक्स जमा करने से इंकार कर दिया।
सीलिंग के समय नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने कहा कि मकान में किसी भी बच्ची या युवती के मौजूद होने की पुष्टि नहीं हुई थी। कार्रवाई के समय वीडियोग्राफी भी की गई, जिसमें मकान खाली दिखाई दे रहा था। हालांकि, कुछ घंटे बाद यह पता चला कि मकान में बच्ची फंस गई थी। वह किसी तरह मकान की छत पर पहुंची और इसके बाद स्थानीय थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर सीओ सिटी पुलिस टीम मौके पर पहुंचे और नगर निगम के कर्मचारियों की मदद से मकान का ताला तोड़कर बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने कहा कि प्रारंभिक जांच में संकेत मिल रहे हैं कि बच्ची को किसी अन्य रास्ते से मकान में लाया गया था। उन्होंने कहा कि यदि यह बात पुष्टि होती है तो आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त ने कहा कि कुछ लोग नगर निगम की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, पीड़ित परिवार की ओर से रिंकू गुप्ता ने कहा कि मकान और आसपास के इलाके में चप्पे-चप्पे पर CCTV लगे हैं। उनका दावा है कि मकान में प्रवेश और निकासी का एक ही मार्ग है और नगर निगम द्वारा लगाए गए आरोप गलत हैं। रिंकू गुप्ता ने कहा कि यदि कोई
गलती हुई है, तो वीडियो सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जब सील तोड़ी गई, तब भी पुलिसकर्मियों ने वीडियोग्राफी की थी, जिसमें उनकी बहन मकान से बाहर आती दिखाई दे रही है।
इस विवाद ने नगर निगम की कार्रवाई की पारदर्शिता और परिवार की सुरक्षा को लेकर बहस को जन्म दे दिया है। वाराणसी प्रशासन ने घटना के तत्काल बाद बच्ची को सुरक्षित बाहर निकालकर परिजनों को सौंप दिया। मामले की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की छानबीन की जा रही है। नगर निगम और परिवार के बीच जारी विवाद ने शहर में प्रशासनिक कार्रवाई और नागरिक सुरक्षा के संतुलन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने कहा कि जांच पूरी होने तक निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए, जबकि परिवार ने अपनी सफाई में वीडियो सबूत और तर्क पेश किए हैं। इस घटना ने वाराणसी में सीलिंग और कुर्की की प्रक्रियाओं में सुरक्षा और सावधानी के महत्व को उजागर किया है, साथ ही प्रशासन और नागरिकों के बीच विश्वास और पारदर्शिता के मुद्दे को भी सामने ला दिया है।

