रांची: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की ओर से आयोजित मैट्रिक और इंटरमीडिएट की वार्षिक परीक्षा मंगलवार से राज्यभर में शुरू हो गई। जैक ने दावा किया है कि परीक्षा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
परीक्षा के पहले दिन मैट्रिक में आईटी और वोकेशनल विषयों की, जबकि इंटरमीडिएट में तीनों संकायों के लिए केवल वोकेशनल विषयों की परीक्षा ली जा रही है। इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा 17 फरवरी तक, जबकि इंटरमीडिएट परीक्षा 23 फरवरी तक आयोजित की जाएगी। राज्यभर में कुल 7,58,182 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इनमें मैट्रिक के 4,23,861 और इंटरमीडिएट के 3,34,321 परीक्षार्थी हैं। परीक्षा के लिए मैट्रिक के 1232 और इंटरमीडिएट के 757 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
सभी केंद्रों पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि कदाचार पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली में सुबह 9.45 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक मैट्रिक और दूसरी पाली में दोपहर 2.00 बजे से शाम 5.15 बजे तक इंटरमीडिएट की परीक्षा हो रही है। परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने और मानसिक दबाव से उबरने के लिए अतिरिक्त 15 मिनट का समय भी दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों, शिक्षकों, परीक्षा कार्य में लगे कर्मियों और आम नागरिकों से परीक्षा के सुचारू संचालन में सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा में गुणात्मक सुधार और मानव संसाधन विकास के उद्देश्य से कदाचारमुक्त वातावरण में परीक्षा संपन्न कराने के लिए पूरी तरह कृतसंकल्प है। जैक ने सोशल मीडिया पर फर्जी या पुराने प्रश्नपत्र वायरल करने को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है।
परिषद ने कहा है कि यूट्यूब, टेलीग्राम, व्हाट्सएप और अन्य प्लेटफॉर्म पर फर्जी प्रश्नपत्र बनाना, साझा करना या अफवाह फैलाना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ आईटी एक्ट 2000 और भारतीय दंड संहिता के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित सोशल मीडिया ग्रुप या चैनल बंद कराए जाएंगे और दोषियों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे।
जैक ने आम लोगों से अपील की है कि परीक्षा केंद्रों के आसपास शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखें, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें और केवल परिषद द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। परीक्षार्थियों की सहायता के लिए परिषद की ओर से टोल-फ्री नंबर भी जारी किया गया है।

