Durg. दुर्ग। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आमजन की समस्याएं एक बार फिर प्रशासन के सामने खुलकर सामने आईं। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव ने जनदर्शन में पहुंचे लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित विभागों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। जनदर्शन कार्यक्रम में आज कुल 165 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास योजना, भूमि सीमांकन, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि सहित विभिन्न प्रकार की मांगें शामिल रहीं।
जनदर्शन के दौरान भिलाई चरोदा नगर निगम के वार्ड क्रमांक 39 स्थित ग्राम मोरिद के निवासियों ने नहर पर बने पुराने पुल की जर्जर हालत को लेकर गंभीर चिंता जताई। ग्रामीणों ने आवेदन देकर बताया कि नहर का यह पुल अब दुर्घटनाओं का कारण बनता जा रहा है। सड़क के सीमेटीकरण के बाद पुल सड़क की सतह के बराबर हो गया है, जिससे आए दिन वाहन दुर्घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार यह पुल न केवल पुराना और संकरा है, बल्कि लंबे समय से इसकी साफ-सफाई भी नहीं हुई है। पुल के नीचे कचरा जमा होने से नहर के पानी की निकासी बाधित हो रही है, जिसके कारण नहर का पानी सड़क पर बहने लगता है। इससे आवागमन में परेशानी के साथ-साथ दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। मोरिदवासियों ने प्रशासन से पुल के शीघ्र पुनर्निर्माण की मांग की, ताकि जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
इसी कड़ी में ग्राम मोरिद के निवासियों ने उप स्वास्थ्य केंद्र मोरिद में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर भी आवेदन दिया। ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में केवल एक एएनएम की ड्यूटी होने के कारण सप्ताह में कई दिन ओपीडी बंद रहती है। इससे ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर-दराज के अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। शुगर और बीपी की दवाइयां लंबे समय से उपलब्ध नहीं हैं। बीपी मापने की मशीन पिछले छह महीनों से खराब पड़ी है, वहीं शुगर जांच के लिए आवश्यक स्ट्रिप्स भी नहीं होने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और जरूरतमंद तबके पर पड़ रहा है। इस पर डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर सभी आवश्यक सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जनदर्शन में सुपेला निवासी एक आवेदक ने सहारा कंपनी में जमा अपनी एफडी राशि नहीं मिलने की शिकायत भी दर्ज कराई। आवेदक ने बताया कि उसने वर्ष 2015 में सहारा कंपनी में कुल 8 एफडी में 1.50 लाख रुपये जमा किए थे। भुगतान के लिए ऑनलाइन आवेदन करने पर 45 दिनों के भीतर राशि मिलने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद अब तक एक भी पैसा वापस नहीं मिला है। आवेदक ने बताया कि वह रोजी-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है और एफडी की राशि नहीं मिलने के कारण उसे कर्ज लेकर जीवनयापन करना पड़ रहा है। लगातार आर्थिक दबाव के चलते वह मानसिक रूप से भी परेशान है। इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए डिप्टी कलेक्टर ने संबंधित नोडल अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनदर्शन कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्राथमिकता में है और सभी विभागों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

