Union Budget 2026-27: नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को यूनियन बजट 2026-27 पेश किया। इस बजट में सरकार ने हाउसिंग से जुड़ी प्रमुख योजनाओं के लिए आवंटन तो बढ़ाया है, लेकिन किफायती हाउसिंग सेक्टर को लेकर कोई नई सेक्टर-स्पेसिफिक घोषणा नहीं की गई।
Union Budget 2026-27: हालांकि, बजट में रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए कुछ अहम कदम उठाए गए हैं, जिनमें रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) के जरिए एसेट रीसाइक्लिंग और रिकॉर्ड कैपेक्स खर्च प्रमुख हैं।
Union Budget 2026-27: इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश
बजट 2026-27 में बुनियादी ढांचे के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड खर्च का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही शहरी विकास को लेकर बनाई गई रणनीतिक योजनाओं ने डेवलपर्स और निवेशकों के बीच भरोसा बढ़ाया है।
Union Budget 2026-27: सरकार का फोकस अब सिर्फ बड़े महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि सोनीपत, इंदौर जैसे उभरते टियर-II शहरों को आत्मनिर्भर आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी है। इससे आने वाले समय में इन शहरों में प्रॉपर्टी की मांग और कीमतों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।
Union Budget 2026-27: निजी निवेश को बढ़ावा देने की कोशिश
निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड की स्थापना का प्रस्ताव रखा है। इस फंड के तहत बैंकों और वित्तीय संस्थानों को आंशिक गारंटी दी जाएगी, जिससे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के निर्माण चरण में जोखिम कम होगा और निजी निवेश को बल मिलेगा।
Union Budget 2026-27: REITs के जरिए बाजार में आएगी नकदी
बजट की सबसे अहम घोषणाओं में सरकारी उपक्रमों (CPSEs) की रियल एस्टेट संपत्तियों को मॉनेटाइज करने के लिए विशेष REITs के गठन का प्रस्ताव शामिल है। इसके जरिए सरकारी और निजी संस्थाएं अपनी अनुपयोगी या डेड संपत्तियों को बाजार में ला सकेंगी।
Union Budget 2026-27: इससे प्राप्त धन को नए प्रोजेक्ट्स में निवेश किया जा सकेगा, जिससे बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा। साथ ही, पारदर्शिता और निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा। एसेट रीसाइक्लिंग का यह मॉडल अधूरे प्रोजेक्ट्स में फंड की कमी जैसी समस्याओं को दूर करने में गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
Union Budget 2026-27: छोटे शहरों पर बढ़ा सरकार का फोकस
सरकार ने इस बजट में टियर-II और टियर-III शहरों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और पेशेवर संस्थानों को समर्थन देने पर जोर दिया है। इससे इन क्षेत्रों में ‘कॉरपोरेट-फ्रेंडली’ माहौल बनेगा और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
Union Budget 2026-27: एक्सपर्ट्स की राय
नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (NAREDCO) का कहना है कि कैपिटल एक्सपेंडिचर में बढ़ोतरी से टियर-II और टियर-III शहरों में रियल एस्टेट सेक्टर को नई रफ्तार मिलेगी। काउंसिल के मुताबिक, इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड से डेवलपर्स को निर्माण और विकास के दौरान जोखिम कम करने में मदद मिलेगी, जबकि CPSEs की संपत्तियों को REITs के जरिए बाजार में लाने से पारदर्शिता और एसेट यूटिलाइजेशन बेहतर होगा।
Union Budget 2026-27: कुल मिलाकर, बजट 2026-27 में रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के दीर्घकालिक विकास को मजबूती देने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं, भले ही किफायती हाउसिंग को लेकर नई घोषणाओं की कमी महसूस की गई हो।

