रायपुर। RAIPUR NEWS : एस पी (SP) के स्थानांतरण आदेशों की अवहेलना कर खरोरा थानों में जमे कर्मचारी प्रशासनिक अनुशासनहीनता और गंभीर लापरवाही है। जिले के पुलिस बल के प्रमुख के रूप में, एस पी के पास अधिनस्थों के अनुशासन एवं कर्तव्यों के पालन का दायित्व होता है। ऐसे मामलों में वरिष्ठ अधिकारी, जैसे डीजीपी या डीआईजी, सीधे अनुशासनात्मक कार्रवाई या निलंबन कर सकते हैं।
जिम्मेदारी: पुलिस अधीक्षक जिले के पुलिस बल के प्रधान होते हैं। अनुशासनात्मक शक्ति: गंभीर आरोप होने पर एसपी इंस्पेक्टर या अन्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं।

समाधान: यदि आदेश के बाद भी कर्मचारी तैनात रहते हैं, तो शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों (आईजी/डीआईजी) से की जा सकती है। आदेश न मानने वाले सिपाहियों के खिलाफ विभागीय जांच और निलंबन जैसी कड़ी कार्यवाही की जा सकती है।
सूत्रों की माने तो स्थानांतरण आदेश आने के उपरांत भी थाना प्रभारी द्वारा भार मुक्त (कार्य मुक्त) नहीं किया जा रहा है जो की साफ़ साफ़ उच्चय अधिकारी के आदेश की अवहेलना है।



