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Thane Municipal Election Live Updates: महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे महत्वपूर्ण केंद्रों में से एक, ठाणे महानगरपालिका (TMC) के चुनाव परिणाम आज घोषित किए जाएंगे. 15 जनवरी को हुए शांतिपूर्ण मतदान के बाद आज सुबह 10 बजे से वोटों की गिनती शुरू हो रही है. यह चुनाव उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है, क्योंकि ठाणे उनका गृह क्षेत्र और राजनीतिक बालेकिल्ला माना जाता है. वहीं, शिवसेना में हुई फूट के बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) के लिए यह खोई हुई जमीन वापस पाने की बड़ी कोशिश है.
शिंदे बनाम ठाकरे: साख की लड़ाई
शिवसेना के दो गुटों में बंटने के बाद यह पहला मौका है जब ठाणे के मतदाता स्थानीय स्तर पर अपना फैसला सुनाएंगे. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी पूरी ताकत इस चुनाव में झोंक दी है, ताकि वे साबित कर सकें कि ठाणे की जनता आज भी उनके साथ है. दूसरी ओर, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की जोड़ी (MNS के साथ गठबंधन) ने इस बार कड़ी चुनौती पेश की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नतीजा राज्य की भविष्य की राजनीति की दिशा तय करेगा. यह भी पढ़े: BMC Election Exit Poll Results 2026: बीएमसी एग्जिट पोल में चौंकाने वाले आंकड़े, मुंबई में ‘महायुति’ का दबदबा, उद्धव ठाकरे के हाथ से फिसल सकती है सत्ता!
131 सीटों का गणित और सुरक्षा व्यवस्था
ठाणे महानगरपालिका की कुल 131 सीटों के लिए मतदान हुआ है. चुनाव आयोग के अनुसार, शहर भर में 11 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं. पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. शुरुआती रुझान दोपहर 12 बजे तक स्पष्ट होने की उम्मीद है, जबकि अंतिम परिणामों की घोषणा शाम तक की जा सकती है.
प्रमुख चुनावी मुद्दे और गठबंधन
इस चुनाव में बुनियादी ढांचा, पानी की किल्लत, सड़कों की स्थिति और बढ़ते शहरीकरण जैसे मुद्दे हावी रहे। गठबंधन की बात करें तो:
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महायुति: बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना एक साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है.
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महाविकास आघाड़ी (MVA): शिवसेना (UBT), कांग्रेस और शरद पवार की NCP मिलकर चुनौती दे रहे हैं।
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अन्य: राज ठाकरे की मनसे (MNS) ने भी कई सीटों पर मजबूत उम्मीदवार उतारे हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है.
2022 से चल रहा था इंतजार
ठाणे महानगरपालिका का कार्यकाल मार्च 2022 में समाप्त हो गया था, लेकिन कानूनी अड़चनों और वार्ड परिसीमन (Delimitation) के कारण चुनाव टलते रहे। पिछले करीब चार साल से नगर निगम का कामकाज प्रशासक के हाथों में था। अब लंबे इंतजार के बाद ठाणे को नया मेयर और नया सदन मिलने जा रहा है.

