Durg. दुर्ग। जिले के रिसाली नगर क्षेत्र में हुई बड़ी नकद चोरी की वारदात का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। कृष्णा टॉकीज रोड स्थित एक दुकान से करीब 2 लाख 25 हजार रुपए नकद चोरी के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सुनसान रात का फायदा उठाकर दुकान के कैश काउंटर का गल्ला तोड़ते हुए इस वारदात को अंजाम दिया था। यह मामला नेवई थाना क्षेत्र का है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 29 दिसंबर 2025 को मैत्री नगर निवासी उमाकांत यादव ने नेवई थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी दुकान के कैश काउंटर में लगे गल्ले का एक लॉकर टूटा हुआ था। इस लॉकर में रखे 500-500 रुपए के चार बंडल, कुल लगभग 2 लाख रुपए, अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर लिए गए थे।
इसके अलावा, गल्ले के दूसरे खंड में रखे 10, 20, 50, 100 और 500 रुपए के नोटों के साथ सिक्के, जिनकी कुल कीमत करीब 25 हजार रुपए थी, वह भी गायब पाए गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 331(4) और 305(ए) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस को कुछ संदिग्धों पर शक हुआ। इसके बाद पुलिस ने तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में आरोपियों की पहचान तेजेश्वर जांगड़े (20 वर्ष) उर्फ चिंटू, राकेश यादव (20 वर्ष) उर्फ पाकू और गोपी किशन साहू (21 वर्ष) के रूप में हुई। कड़ाई से पूछताछ करने पर तीनों आरोपियों ने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने रात के समय दुकान बंद होने के बाद मौका देखकर कैश काउंटर का गल्ला तोड़ा और उसमें रखी नकदी चोरी कर फरार हो गए थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी से संबंधित साक्ष्य भी जुटाए हैं। तीनों आरोपियों को 11 जनवरी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय दुर्ग में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। नेवई थाना पुलिस का कहना है कि आरोपियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं वे इससे पहले भी जिले या आसपास के क्षेत्रों में चोरी की अन्य वारदातों में तो शामिल नहीं रहे हैं। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने प्रतिष्ठानों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

