उद्धव ठाकरे (Photo Credits: ANI)
Maharashtra Municipal Corporation Elections 2026: महाराष्ट्र में 15 जनवरी 2026 को होने वाले 29 नगर निगमों के चुनावों (Municipal Corporation Elections) से पहले राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है. शिवसेना (UBT) (Shivsena) ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ (Saamana) के जरिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर ‘ढोंगी हिंदुत्व’ और सत्ता के लिए किसी भी हद तक जाने का आरोप लगाया है. यह हमला अकोला के अकोट और ठाणे के अंबरनाथ नगर परिषद चुनावों के बाद सामने आए अजीबोगरीब राजनीतिक गठबंधनों को लेकर किया गया है. ‘सामना’ ने बीजेपी की आलोचना करते हुए लिखा है कि सत्ता की गर्मी के बिना बीजेपी का अस्तित्व खतरे में पड़ जाता है, इसीलिए वह ओवैसी की पार्टी (AIMIM) और कांग्रेस जैसे धुर विरोधियों के साथ भी ‘निकाह’ करने को तैयार है. यह भी पढ़ें: Fadnavis on Raj Thackeray: BMC चुनाव से पहले सीएम देवेंद्र फडणवीस का राज ठाकरे पर बड़ा बयान, कहा- नतीजों के बाद MNS प्रमुख साथ चाय पीएंगे
‘सामना’ का विवादित तंज: ‘बीजेपी ने अजान दी और खतना भी कराया’
संपादकीय में बीजेपी के कथित गुप्त गठबंधनों पर कड़ा प्रहार करते हुए लिखा गया, ‘सत्ता के लिए बीजेपी ने पहले ‘अजान’ दी, फिर ‘निकाह’ किया और यहां तक कि ‘खतना’ भी करा लिया, लेकिन ‘काजी’ ने इतनी जोर से दुआएं पढ़ीं कि बीजेपी का यह ‘गुप्त प्रेम प्रसंग’ पूरी दुनिया के सामने आ गया.’
उद्धव गुट ने आरोप लगाया कि बीजेपी चुनाव जीतने के लिए ओवैसी की पार्टी का इस्तेमाल ‘छिपे हुए मददगार’ के रूप में करती रही है, लेकिन अब यह रिश्ता खुलकर सामने आ गया है.
अकोट और अंबरनाथ का ‘अजीब’ गठबंधन
यह पूरा विवाद दो स्थानीय निकायों में हुई सत्ता स्थापना के बाद शुरू हुआ:
- अकोट (अकोला): यहां बीजेपी ने एआईएमआईएम (AIMIM) के साथ मिलकर ‘अकोट विकास मंच’ बनाया और मेयर पद पर कब्जा किया.
- अंबरनाथ (ठाणे): यहां बीजेपी ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना को किनारे करने के लिए कांग्रेस और अजीत पवार गुट (NCP) के साथ मिलकर ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ का गठन किया.
संपादकीय में कहा गया कि जो बीजेपी ‘कांग्रेस-मुक्त भारत’ का नारा देती थी, वह अब खुद ‘कांग्रेस-युक्त बीजेपी’ बन गई है. यह भी पढ़ें: Ambernath News: अंबरनाथ में कांग्रेस को बड़ा झटका, गठबंधन विवाद के बाद पार्टी से निकाले गए 12 नगरसेवक BJP में शामिल
सीएम फडणवीस का ‘ट्रिपल तलाक’ और डैमेज कंट्रोल
गठबंधन की खबरें वायरल होने और विपक्ष के तीखे हमलों के बाद, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने इन गठबंधनों को अनुशासनहीनता बताते हुए इन्हें तुरंत रद्द करने का आदेश दिया हैय फडणवीस ने स्पष्ट किया कि बीजेपी का कांग्रेस या एआईएमआईएम के साथ गठबंधन कभी स्वीकार्य नहीं होगा और स्थानीय नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
‘सामना’ ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि अब फडणवीस इन गठबंधनों को ‘ट्रिपल तलाक’ देकर डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बीजेपी की छवि को जो नुकसान पहुंचा है, वह अपूरणीय है.
‘किराए के नेताओं से चुनाव लड़ रही बीजेपी’
उद्धव गुट ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी के पास अपने सक्षम नेता नहीं हैं, इसलिए वह दूसरी पार्टियों के नेताओं को ‘किडनीप’ (अगवा) कर रही है. संपादकीय के अनुसार, बीजेपी के करीब 80 प्रतिशत विधायक, सांसद और पार्षद कांग्रेस, एनसीपी या शिवसेना से आए हुए ‘आयातित’ नेता हैं.

