Somnath Shaurya Yatra: अहमदाबाद। Swabhiman Parv : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने गुजरात दौरे के दूसरे दिन रविवार को विश्वप्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और ‘स्वाभिमान पर्व’ के अंतर्गत आयोजित भव्य शौर्य यात्रा में शामिल हुए।
Somnath Shaurya Yatra: अहमदाबाद। Swabhiman Parv : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने गुजरात दौरे के दूसरे दिन रविवार को विश्वप्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और ‘स्वाभिमान पर्व’ के अंतर्गत आयोजित भव्य शौर्य यात्रा में शामिल हुए। यह आयोजन सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास और विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध संघर्ष करते हुए बलिदान देने वाले वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि स्वरूप समर्पित था।
Somnath Shaurya Yatra: शौर्य यात्रा का मुख्य आकर्षण 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस रहा, जो शक्ति, साहस और अटूट बलिदान का संदेश देता नजर आया। यह आयोजन वर्ष 1026 ईस्वी में मंदिर पर हुए पहले बड़े आक्रमण की ऐतिहासिक स्मृति में आयोजित किया गया, जिसे स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है।
Somnath Shaurya Yatra: गर्भगृह में विशेष पूजन, 72 घंटे का ओंकार जाप
शौर्य यात्रा के बाद प्रधानमंत्री ने सोमनाथ मंदिर के गर्भगृह में दर्शन-पूजन किया। इस अवसर पर विशेष अनुष्ठान के साथ ओंकार मंत्र का जाप किया गया। मंदिर में 72 घंटे तक चलने वाले निरंतर ‘ओम’ जाप के इस आयोजन ने श्रद्धालुओं के बीच आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। प्रधानमंत्री ने अपने आध्यात्मिक अनुभव की तस्वीरें साझा करते हुए इसे भारतीय संस्कृति की दिव्यता और भक्ति का उच्चतम शिखर बताया।
Somnath Shaurya Yatra: सरदार पटेल के योगदान को किया नमन
अपने प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की नींव रखकर सरदार पटेल ने भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान का मार्ग प्रशस्त किया। पीएम मोदी ने विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध हुए ऐतिहासिक संघर्षों को भारतीय समाज की वीरता और राष्ट्रीय स्वाभिमान से जोड़ा।
Somnath Shaurya Yatra: ड्रोन शो में दिखा आस्था और तकनीक का संगम
स्वाभिमान पर्व के पहले दिन आयोजित भव्य ड्रोन शो ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। लगभग 3,000 ड्रोनों के माध्यम से आकाश में शिवलिंग, सोमनाथ मंदिर की आकृति और ब्रह्मांडीय दृश्य उकेरे गए। प्रधानमंत्री ने इसे आधुनिक तकनीक और प्राचीन आस्था का अद्भुत संगम बताया। इस दौरान मंदिर ट्रस्ट की बैठक में प्रधानमंत्री ने तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी चर्चा की।

