Mahasamund. महासमुंद। जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और समग्र शिक्षा अंतर्गत संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला पंचायत महासमुंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत नंदनवार ने आज विभिन्न योजनाओं की वर्चुअल समीक्षा की। यह बैठक जिला पंचायत के सभा कक्ष में आयोजित की गई, जिसमें शिक्षा विभाग के जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए। बैठक के दौरान सीईओ श्री नंदनवार ने विकासखंडवार शाला त्यागी बच्चों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने
विकासखंड शिक्षा
अधिकारियों से जानकारी लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि शाला त्यागी बच्चों का सर्वेक्षण कार्य पूर्ण कर निर्धारित प्रपत्र में संकलित जानकारी अनिवार्य रूप से 12 जनवरी 2026 तक जिला परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा महासमुंद को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि शाला त्यागी बच्चों की सही पहचान और आंकड़ों का संकलन शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। सीईओ ने अपार (APAAR) आईडी जनरेशन के कार्य को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही आधार कार्ड में सुधार और अपडेट के लिए विकासखंड स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने को कहा गया। उन्होंने जिले में ड्रॉप बॉक्स में दर्शित 5215 अपार जनरेटेड बच्चों का भौतिक सत्यापन कर कारण सहित सूची प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। साथ ही शाला त्यागी बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा में लाने के लिए प्रभावी और ठोस कार्यवाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। बैठक में विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए। सीईओ ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बच्चा लंबे समय तक बिना कारण अनुपस्थित न रहे। उन्होंने परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के अंतर्गत
राज्य शासन
द्वारा प्रदत्त लक्ष्य को दो दिवस के भीतर शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिन विद्यालयों में दर्ज संख्या की तुलना में 25 प्रतिशत या उससे अधिक अनुपस्थिति पाई गई है, उन विद्यालयों के प्रधान पाठकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के लिए जिला मिशन समन्वयक को निर्देशित किया गया। इसके अलावा सीईओ श्री नंदनवार ने यह भी स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी दुकान, प्रतिष्ठान या अन्य कार्य स्थलों पर नाबालिग बच्चों से कार्य न कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि सभी बच्चे प्रतिदिन विद्यालय में उपस्थित हों और बाल श्रम जैसी कुप्रथाओं पर सख्ती से रोक लगाई जाए। बैठक में जिले के समस्त विद्यालयों में नवोदय विद्यालय और प्रयास विद्यालय प्रवेश परीक्षा की तैयारी को लेकर भी चर्चा हुई। सीईओ ने कक्षा पांचवीं और आठवीं के विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाओं के माध्यम से विशेष तैयारी कराने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो सकें।
