पिंटू दुबे, बिलासपुर। CG News : नगर निगम बिलासपुर की सामान्य सभा में प्रस्तावों पर चर्चा के साथ-साथ उस वक्त सियासी पारा चढ़ गया, जब सत्तारूढ़ भाजपा के भीतर का अंतर्विरोध खुलकर सामने आ गया। मुद्दा प्रोटोकॉल का था, लेकिन यही प्रोटोकॉल विवाद एमआईसी सदस्य और सभापति को आमने-सामने ले आया। बैठक का माहौल गरमाया, बयानबाजी तेज हुई और पार्टी की अंदरूनी खींचतान सार्वजनिक मंच पर उजागर हो गई।
विवाद की शुरुआत सामान्य सभा के दौरान हुई, जब सभापति विनोद सोनी ने एमआईसी सदस्य विजय ताम्रकार को बैठक व्यवस्था का हवाला देते हुए महापौर के पीछे बैठने को कहा। इसी बात पर आपत्ति दर्ज हुई और मामला तूल पकड़ता चला गया। बात यहीं नहीं रुकी, यह गतिरोध मेयर इन काउंसिल की बैठक तक पहुंच गया, जहां नियमों के अनुसार सभापति के बैठने का प्रावधान नहीं होने का मुद्दा उठा। इस पर एमआईसी सदस्य ने विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद बुधवार भर नगर निगम के गलियारों में सियासी खींचतान चर्चा का विषय बनी रही।

मामले पर प्रतिक्रियाएं भी तेज रहीं। एमआईसी सदस्य विजय ताम्रकार ने कहा कि उन्होंने केवल नियमों और प्रोटोकॉल के पालन की बात कही है, इसमें हंगामा करने जैसा कुछ नहीं। वहीं महापौर पूजा विधानी ने साफ कहा कि बैठक संचालन उनका विशेषाधिकार है, लेकिन यदि भविष्य में इस तरह का गतिरोध दोबारा सामने आता है, तो संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, सभापति विनोद सोनी ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वरिष्ठों का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और बार-बार प्रोटोकॉल का मुद्दा उठाने पर जवाब दिया जाएगा।
विपक्ष का तंज
भाजपा के इस अंदरूनी टकराव पर विपक्ष ने भी तंज कस दिया है। पूर्व महापौर रामशरण यादव ने कहा कि भाजपा के भीतर का विवाद अब खुलकर सामने आ चुका है। सदस्य आपस में ही उलझे हैं। उन्होंने चेताया कि इस राजनीतिक खींचतान का असर शहर के विकास कार्यों और जनता के हितों पर नहीं पड़ना चाहिए। कुल मिलाकर, अनुशासन के लिए पहचानी जाने वाली पार्टी के भीतर का यह टकराव अब सार्वजनिक हो चुका है और सवाल यही है कि भाजपा इस डैमेज कंट्रोल को कैसे संभालती है, क्योंकि नगर निगम में चल रही यह आपसी लड़ाई विपक्ष को मुद्दा भी दे रही है और विकास की रफ्तार पर भी सवाल खड़े कर रही है।


