Balod. बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में अंधविश्वास की एक और भयावह घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को दहला कर रख दिया है। गुंडरदेही थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिर्राभाटा गांव में एक व्यक्ति की उसके ही पड़ोसी ने तीन तांत्रिकों के साथ मिलकर निर्मम हत्या कर दी। मृतक की पहचान 48 वर्षीय पुनीत ठाकुर पिता अमर सिंह के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई है और लोग भय और अविश्वास में हैं। यह खौफनाक वारदात रविवार देर रात की बताई जा रही है, जब पुनीत ठाकुर अपने
घर
के आंगन में आराम कर रहा था। इसी दौरान उसके पड़ोसी ने तीन तथाकथित तांत्रिकों की मदद से अचानक उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में पुनीत की मौके पर ही मौत हो गई। गला रेतकर की गई यह निर्मम हत्या किसी रोंगटे खड़े कर देने वाले दृश्य से कम नहीं थी। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, हमलावर पड़ोसी काफी समय से किसी अज्ञात बीमारी और घरेलू परेशानी से जूझ रहा था। इस दौरान उसने तांत्रिकों से संपर्क किया, जिन्होंने उसे यकीन दिलाया कि उसकी समस्याओं की जड़ उसका पड़ोसी पुनीत ठाकुर है।
तांत्रिकों के कहने पर आरोपी ने ‘बलि’ देने की योजना बनाई और अंततः इस अमानवीय कृत्य को अंजाम दे दिया। घटना की सूचना मिलते ही गुंडरदेही थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। साथ ही फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने कुछ ही घंटों के भीतर चारों आरोपियों – पड़ोसी और तीन तांत्रिकों – को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने पूरी योजना तांत्रिक क्रिया के तहत बनाई थी। पुलिस अधीक्षक (SP) ने बताया कि, “यह हत्या अंधविश्वास के चलते की गई है। आरोपी तांत्रिकों ने प्रभावित व्यक्ति को मानसिक रूप से इतना भ्रमित कर दिया कि उसने अपने पड़ोसी को ही ‘विघ्न’ मानते हुए उसे मार डाला। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।” फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून से सना हथियार, तांत्रिक गतिविधियों में प्रयुक्त सामान, और अन्य प्रमाण एकत्र किए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और हत्या में प्रयुक्त औजार की वैज्ञानिक जांच की जा रही है।

